सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): इतिहास, निवेश और रिटर्न का संपूर्ण विश्लेषण

भारत में सोने के प्रति लोगों का लगाव जगजाहिर है। इसी लगाव को एक सुरक्षित और लाभकारी निवेश में बदलने के लिए भारत सरकार ने नवंबर 2015 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य भौतिक सोने (Physical Gold) की मांग को कम करना और घरेलू बचत को वित्तीय बचत में बदलना था।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा कुल जारी की गई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सीरीज (Total Issues):
2015 में अपनी शुरुआत से लेकर अब तक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB की कई किश्तें (Tranches) जारी की हैं। हर साल औसतन 4 से 10 सीरीज जारी की। अब तक कुल 67 सीरीज जारी की जा चुकी हैं, जिनमें निवेशकों ने अरबों रुपये का निवेश किया है।
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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम:
| वर्ष | कुल स्कीम | स्कीम श्रृंखला (Series) |
|---|---|---|
| 2015 | 1 | I |
| 2016 | 2 | I, II |
| 2016-17 | 4 | I, II, III, IV |
| 2017-18 | 14 | I, II, III, IV, V, VI, VII, VIII, IX, X, XI, XII, XIII, XIV |
| 2018-19 | 6 | I, II, III, IV, V, VI |
| 2019-20 | 10 | I, II, III, IV, V, VI, VII, VIII, IX, X |
| 2020-21 | 12 | I, II, III, IV, V, VI, VII, VIII, IX, X, XI, XII |
| 2021-22 | 10 | I, II, III, IV, V, VI, VII, VIII, IX, X |
| 2022-23 | 4 | I, II, III, IV |
| 2023-24 | 4 | I, II, III, IV |
फेस वैल्यू और निर्गमन मूल्य (Issues at Face Value):
SGB का मूल्य '999' शुद्धता वाले सोने के पिछले 3 कार्य दिवसों के औसत बंद भाव के आधार पर [इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा पब्लिश भाव] तय किया जाता है। एक ग्राम सोने के बॉन्ड के लिए फेस वैल्यू योजना के अनुसार तय की गई है।
- डिस्काउंट: जो निवेशक ऑनलाइन आवेदन करते हैं और डिजिटल भुगतान करते हैं, उन्हें प्रति ग्राम ₹50 की छूट मिलती है।
- न्यूनतम निवेश: 1 ग्राम सोना।
- अधिकतम सीमा: व्यक्तिगत और HUF के लिए 4 किलोग्राम, जबकि ट्रस्टों के लिए 20 किलोग्राम प्रति वर्ष।
रिडेम्पशन कीमतें (Redemption Prices):
जब बॉन्ड मैच्योर होता है या आप इसे समय से पहले भुनाते हैं, तो रिडेम्पशन की कीमत इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा प्रकाशित पिछले 3 दिनों के औसत क्लोजिंग प्राइस पर आधारित होती है। SGB स्कीम के 5 साल पूरे होने के बाद, RBI प्रीमैच्योर रिडेम्पशन प्राइस पब्लिश करता है और 8 साल होने पर फाइनल रिडेम्पशन प्राइस पब्लिश करता है। जिसके बाद SGB को भुनाया जा सकता है। इसमें कोई मेकिंग चार्ज या कटौती नहीं होती।
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पिछले सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का परफॉर्मेंस:
RBI ने पिछले बॉन्ड 2023-24 शृंखला-IV, 21-फरवरी-24 को जारी की थी। स्कीम का इश्यू प्राइस ₹ 6,263 प्रति ग्राम था और सब्सक्राइबर्स को ₹ 127.86 लाख यूनिट्स (ग्राम में) जारी की गईं। यह इश्यू NSE, BSE के स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग के बाद ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होगा।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड कर निहितार्थ (Tax Implications) - स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेडिंग:
| स्थिति | टैक्स का प्रकार | टैक्स ट्रीटमेंट |
|---|---|---|
| एक्सचेंज पर बेचना (5 साल से कम) | STCG/LTCG | यदि 12 महीने से पहले बेचा तो स्लैब के अनुसार, 12 महीने बाद 12.5% (बिना इंडेक्सेशन के) |
| एक्सचेंज से खरीदकर < 5 साल रखना | STCG/LTCG | होल्डिंग पीरियड के आधार पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। |
| एक्सचेंज से खरीदकर > 5 साल रखना | LTCG | ध्यान दें: केवल ऑरिजनल अलॉटी (सीधे RBI से खरीदने वाले) को ही मैच्योरिटी पर 'टैक्स फ्री' छूट मिलती है। एक्सचेंज से खरीदने पर मैच्योरिटी पर होने वाले लाभ पर 12.5% LTCG लग सकता है। |
स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग:
बॉन्ड जारी होने के दो हफ़्ते के अंदर RBI द्वारा बताई गई तारीख पर स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेड किए जा सकेंगे। इन्वेस्टर इन बॉन्ड को लिस्टिंग के बाद NSE, BSE के ज़रिए भी मौजूदा कीमत पर खरीद सकते हैं।
रिडेम्पशन (Redemption)
5 साल बाद समय पूर्व रिडेम्पशन (Premature Redemption):
यदि बॉन्ड 5 साल पूरे होने के बाद लेकिन 8 साल से पहले पैसा निकालना चाहते हैं, तो प्रक्रिया इस प्रकार है:
- आपको संबंधित बैंक, डाकघर या एजेंट से संपर्क करना होगा जहाँ से आपने बॉन्ड खरीदा था। इसे NSE, BSE पर मौजूदा कीमतों पर बेच सकते हैं।
- यह आवेदन कूपन भुगतान (ब्याज मिलने) की तारीख से कम से कम 10 दिन पहले करना होता है।
- पैसा सीधे आपके बैंक खाते में जमा कर दिया जाता है।
बॉन्ड की मैच्योरिटी (8 साल बाद) पर रिडेम्पशन की प्रक्रिया (Redemption upon Maturity):
8 साल पूरे होने पर, RBI निवेशक को मैच्योरिटी के बारे में सूचित करता है।
- स्वचालित प्रक्रिया: मैच्योरिटी राशि और अंतिम ब्याज सीधे उस बैंक खाते में जमा किया जाता है जो बॉन्ड रिकॉर्ड में अपडेट होता है।
- यदि आपका बैंक खाता बदल गया है, तो आपको मैच्योरिटी से कम से कम एक महीने पहले उसे अपडेट करना होगा।
ब्याज पर टैक्स का नियम (Interest Implication):
बॉन्ड पर सालाना 2.50% (शुरुआती सीरीज में 2.75% था) ब्याज मिलता है, जो अर्धवार्षिक रूप से दिया जाता है। इंटरेस्ट इन्वेस्टर के बैंक अकाउंट में हर छह महीने में क्रेडिट किया जाता है और आखिरी इंटरेस्ट मैच्योरिटी पर प्रिंसिपल के साथ दिया जाता है। ब्याज पर टैक्स नियम:
- एक्सचेंज से खरीदा (< 5 साल): मिलने वाला ब्याज आपकी 'अन्य स्रोतों से आय' (Income from Other Sources) में जोड़ा जाएगा और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा।
- एक्सचेंज से खरीदा (> 5 साल): ब्याज पर टैक्स नियम वही रहता है। ब्याज हमेशा पूरी तरह से टैक्स योग्य होता है, चाहे आपने इसे कहीं से भी खरीदा हो।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) रिटर्न विश्लेषण
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) रिटर्न विश्लेषण के अनुसार, यह निवेशकों के लिए सोने में निवेश का सबसे सुरक्षित और फायदेमंद माध्यम साबित हुआ है। SGB पर मिलने वाले 2.5% (शुरुआती सीरीज में 2.75% था) वार्षिक निश्चित ब्याज (अर्ध-वार्षिक भुगतान) के साथ सोने की कीमतों में होने वाली वृद्धि (कैपिटल एप्रिसिएशन) मिलकर शानदार रिटर्न देते हैं।
2024-25 के दौरान, कई पुरानी SGB सीरीज ने मैच्योरिटी पर 100% से भी ज्यादा रिटर्न दिया है, क्योंकि सोने के भावों में जोरदार तेजी रही। सबसे बड़ा फायदा यह है कि मैच्योरिटी तक होल्ड करने पर कैपिटल गेन टैक्स से छूट मिलती है। फिजिकल गोल्ड की तुलना में इसमें लॉकर चार्ज, चोरी का जोखिम और मेकिंग चार्ज नहीं होते, जो इसे एक बेहतर विकल्प बनाता है।
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क्या आप जानना चाहते हैं कि SGB की प्रीमैच्योर रिडेम्पशन कीमतें कैसे चेक करें?
क्या आप जानना चाहते हैं कि SGB की फाइनल रिडेम्पशन कीमतें कैसे चेक करें?
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स्रोत: म्हारो रतलाम रिसर्च, RBI, SEBI, NSE, BSE
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