भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा अक्टूबर 2026 – मार्च 2027 के लिए SGB समय-पूर्व रिडेम्पशन कैलेंडर जारी
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना के तहत अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 की अवधि के लिए 'समय-पूर्व रिडेम्पशन' (Premature Redemption) का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। यदि आप SGB में निवेश कर चुके हैं और 8 साल की मैच्योरिटी से पहले अपने पैसे निकालना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
5 साल का नियम और आवेदन की खिड़की (Request Window)
RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, SGB की कुल अवधि 8 साल की होती है, लेकिन निवेशकों को जारी होने की तारीख से 5 साल पूरे होने के बाद समय-पूर्व रिडेम्पशन (बाहर निकलने) की अनुमति दी जाती है।
इस नए कैलेंडर के तहत कुल 32 किश्तों (Tranches) को शामिल किया गया है, जो 2019 से 2022 के बीच जारी की गई थीं। निवेशक अपने बॉन्ड को रिडीम करने के लिए निर्धारित 'अनुरोध अवधि' (Request Period) के दौरान आवेदन जमा कर सकते हैं।
प्रमुख सीरीज और उनके रिडेम्पशन शेड्यूल की झलक
| ट्रेंच / सीरीज | जारी करने की तिथि | रिडेम्पशन की तिथि | आवेदन (upto) |
|---|---|---|---|
| 2019-20 Series V | 15 अक्टूबर 2019 | 15 अक्टूबर 2026 | 14 सितम्बर - 05 अक्टूबर 2026 |
| 2019-20 Series I | 11 जून 2019 | 11 दिसंबर 2026 | 09 नवंबर - 01 दिसंबर 2026 |
| 2020-21 Series VII | 20 अक्टूबर 2020 | 19 अक्टूबर 2026 | 19 सितम्बर - 09 अक्टूबर 2026 |
| 2020-21 Series IX | 05 जनवरी 2021 | 05 जनवरी 2027 | 05 दिसंबर - 28 दिसंबर 2026 |
| 2021-22 Series I | 25 मई 2021 | 25 नवंबर 2026 | 23 अक्टूबर - 16 नवंबर 2026 |
| 2021-22 Series X | 08 मार्च 2022 | 08 मार्च 2027 | 05 फ़रवरी - 26 फ़रवरी 2027 |
*(सभी 32 किश्तों की पूरी सूची RBI की आधिकारिक वेबसाइट rbi.org.in पर उपलब्ध है)*
आवेदन कहाँ और कैसे जमा करें?
निवेशक अपनी समय-पूर्व रिडेम्पशन की इच्छा के अनुसार निम्नलिखित माध्यमों से आवेदन जमा कर सकते हैं:
- प्राप्तकर्ता कार्यालय (Receiving Offices): जिस बैंक, डाकघर या एजेंट से बॉन्ड खरीदा गया था।
- डिपॉजिटरी: NSDL या CDSL (यदि बॉन्ड आपके डीमैट खाते में हैं)।
- RBI रिटेल डायरेक्ट: ऑनलाइन पोर्टल (RBI Retail Direct Portal) के माध्यम से।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बातें
- समयसीमा का पालन: रिडेम्पशन का अनुरोध केवल निर्धारित विंडो के भीतर ही स्वीकार किया जाएगा। यदि आप विंडो मिस कर देते हैं, तो आपको अगली रिडेम्पशन तिथि तक इंतजार करना होगा।
- तिथियों में बदलाव की संभावना: निर्धारित तिथि पर कोई अप्रत्याशित छुट्टी होने पर तिथियों में बदलाव हो सकता है।
- टैक्स लाभ: 5 साल के बाद RBI की इस आधिकारिक रिडेम्पशन विंडो के माध्यम से निकलने पर मिलने वाला पूरा कैपिटल गेन **टैक्स-फ्री** रहता है।
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